अमानीगंज।
भाव से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है। जिसपर भगवान की कृपा हो जाती है, वह संसार में वंदित हो जाता है। जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार, अहंकार, पाप और अधर्म बढ़ता है, तब-तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान इस धरती पर अवतार लेते हैं। उक्त बातें क्षेत्र के तालढ़ोली पूरे शिशवन तिवारी गांव में पंकज पांडेय के यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस रामजन्म और श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए व्यास आचार्य पं राज नारायण तिवारी ने कही।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान समय-समय पर सज्जनों की रक्षा, दुष्टों के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए अलग-अलग रूपों में प्रकट होते हैं। जब द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का अत्याचार अत्यधिक बढ़ गया और पृथ्वी की पुकार पर देवता भयभीत होकर भगवान के पास पहुँचे, तब भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान रामलली तथा अनिल मिश्रा, मुकेश मिश्रा, तेज बहादुर सिंह, जय प्रकाश, सोनू, काशीनाथ, ज्ञानचंद तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अयोध्या से रणदीप विश्वकर्मा की रिपोर्ट
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