शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, घर का सामान, अनाज, कपड़े और रोजी-रोटी के साधन जलकर खाक
अयोध्या। मिल्कीपुर तहसील के खण्डासा थाना क्षेत्र के खण्डासा गांव में भीषण आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस अग्निकांड में पीड़ित परिवारों का घर-गृहस्थी का सामान, कपड़े, बिस्तर, चावल, गेहूं, आटा, दाल, फ्रिज और जूस बनाने की मशीन सहित रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं। आग के बाद पीड़ित परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो ग
जानकारी के अनुसार, घटना के समय घर के लोग खेत में धान की पिटाई कर रहे थे। इसी दौरान घर में आग लग गई। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। घटना की सूचना डायल 112, खण्डासा पुलिस चौकी और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही खण्डासा चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, आग पर काबू पाने के प्रयासों के बीच घर में रखा काफी सामान जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर कुछ हद तक काबू पाया।
चार पीड़ित परिवारों का सब कुछ जलकर राख
इस अग्निकांड में कमर जहां पत्नी इंतजार अली, मसीना बानो पत्नी सिलताज अली, सोफिया बानो पत्नी अंसार अली और फूल बानो, जिनके पति का नाम अल्ताफ बताया गया है, के परिवार प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों के अनुसार, आग में कपड़े, बिस्तर, अनाज, रसोई का सामान, फ्रिज और जूस बनाने की मशीन सहित घर में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग ने परिवारों की जमा-पूंजी और रोजी-रोटी के साधनों को भी नुकसान पहुंचाया है।
जनप्रतिनिधियों ने दिया हरसंभव मदद का आश्वासन
घटना के बाद गांव के प्रधान रामजी कौशल, कृष्ण कुमार तिवारी और शुभम मिश्रा ने पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
वहीं, मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ ने पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए अगले दिन सुबह 10 बजे उनके घर पहुंचने की बात कही है। उन्होंने हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया है।
मौजूदा विधायक चंद्रभानु पासवान से भी फोन पर वार्ता हुई, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने, कपड़ों और दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता और जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल घड़ी में राहत मिल सके।
रणदीप विश्वकर्मा की रिपोर्ट।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें